अनादि करम फले

Anādi Karama Phale (in Hindi)

अनादि’ करम-फले, पडि’ भवार्णव जले,
तरिबारे ना देखि उपाय
ऎइ विषय-हलाहले, दिवा-निशि हिया ज्वले,
मन कभु सुख नाहि पाय

आशा-पाश-शत-शत, क्लेश देय अविरत,
प्रवृत्ति-ऊर्मिर ताहे खेला
काम-क्रोध-आदि छय, बाटपाडे देय भय,
अवसान होइलो आसि’ बेला

ज्ञान-कर्म-ठग दुइ, मोरे प्रतारीय लोइ,
अवशेषे फेले सिंधु-जले
ऎ हेनो समये, बंधु, तुमि कृष्ण कृपासिंधु,
कृपा कोरि’ तोलो मोरे बले

पतित-किंकरे धरि’, पाद-पद्म-धुलि करि’,
देहो भक्तिविनोद आश्रय
आमि तव नित्य-दास, भुलिया मायार पाश,
बद्ध हो’ये आछि दयामय

ध्वनि

  1. श्री अमलात्म दास तथा भक्त वृन्द- इस्कॉन बैंगलोर