आमार जीवन

Āmār Jīvan (in Hindi)

आमार जीवन, सदा पापे रत,
नाहिको पुण्येर लेष
परेरे उद्वेग, दियाछि ये कोतो,
दियाछि जीवेरे क्लेश

निजसुख लागि’, पापे नाहि डोरि,
दया-हीन स्वार्थ-परो
पर-सुखे दुःखी, सदा मिथ्याभाषी,
पर-दुःख सुख-करो

आशेष कामना, हृदि माझे मोर,
क्रोधी, दंभ-परायण
मद-मत्त सदा, विषये मोहित,
हिंसा-गर्व विभूषण

निद्रालस्य हत, सुकार्ये विरत,
अकार्ये उद्योगी आमि
प्रतिष्ठ लागिया, शाठ्य-आचरण,
लोभ-हत सदा कामी

ए हेनो दुर्जन, सज्जन-वर्जित,
अपराधि-निरंतर
शुभ-कार्य-शून्य, सदानर्थ-मनाः,
नाना दुःखे जर जर

वार्धक्यॆ ऎखोन, उपाय-विहीन,
ता’ते दीन अकिंचन
भकतिविनोद, प्रभुर चरणे,
कोरॆ दुःख निवेदन

ध्वनि

  1. श्री अमलात्म दास तथा भक्त वृन्द- इस्कॉन बैंगलोर