नारद मुनि बाजाय वीणा

Nārada Muni Bājāy Vīṇā (in Hindi)

नारद मुनि, बाजाय वीणा ‘राधिका-रमण’ – नामे
नाम अमनि, उदित होय भकत – गीत – सामे

अमिय-धारा, बरिषे घन श्रवण-युगले गिया
भकत-जन, सघने नाचे भोरिया आपन हिया

माधुरी-पूर, असबो पशि’ माताय जगत-जने
केहो वा कांदे, केहो वा नाचे केहो माते मने मने

पंच-वदन, नारदे धोरि’ प्रेमेर सघन रोल्
कमलासन, नाचिया बोले ‘ बोलो बोलो हरि बोलो’

सहस्रानान, परम-सुखे ‘हरि हरि ‘ बोलि’ गाय्
नाम-प्रभावे, मातिलो विश्व नाम-रस सबे पाय्

श्रीकृष्ण-नाम, रसने स्पुरि’ पूरा’लो आमार आश
श्री रूप-पदे, याचिये इहा भकतिविनोद-दास

ध्वनि

  1. श्री अमलात्म दास तथा भक्त वृन्द- इस्कॉन बैंगलोर