भजहु रे मन

Bhajahū Re Mana (in Hindi)

भजहु रे मन श्री नंद-नंदन
अभय-चरणारविंद रे
दुर्लभ मानव-जनम सत्-संगे
तरोहो ए भव-सिंधु रे

शीत आतप वात वरिषण
ए दिन जामिनी जागि रे
बिफले सेविनु कृपण दुरजन
चपल सुख-लब लागि’रे

ए धन, यौवन, पुत्र, परिजन
इथे कि आछे परतीति रे
कमल-दल-जल, जीवन-टलमल
भजहु हरि-पद नीति रे

श्रवण, कीर्तन, स्मरण, वंदन
पाद-सेवन, दास्य रे,
पूजन, सखीजन, आत्म-निवेदन
गोविंद-दास-अभिलाष रे

ध्वनि

  1. श्री अमलात्म दास तथा भक्त वृन्द- इस्कॉन बैंगलोर