भोग-आरति

Bhoga-ārati (in Hindi)

भज भकत-वत्सल श्री-गौरहरि
श्री-गौरहरि सोहि गोष्ठ-विहारी,
नंद-जशोमती-चित्त-हारी

बेला हो ‘ लो, दामोदर, आइस एखानो
भोग-मंदिरे बोसि’ कोरहो भोजन

नंदेर निदेशे बैसे गिरि-वर-धारी
बलदेव-सह सखा बैसे सारि सारि

शुक्ता-शाकादि भाजि नालिता कुष्माण्ड
डालि डाल्ना दुग्ध-तुंबी दधि मोचा-खंड

मुद्ग-बोडा माष-बोडा रोटिका घृतान्न
शष्कुली पिष्टक खीर् पुलि पायसान्न

कर्पूर अमृत-केलि रंभा खीर-सार
अमृत रसाला, आम्ल द्वादश प्रकार

लुचि चिनि सर्पूरी लाड्डु रसाबली
भोजन कोरेन कृष्ण हो ‘यो कुतूहली

राधिकार पक्क अन्न विविध व्यंजन
परम आनंदे कृष्ण कोरेन भोजन

छले-बले लाड्डु खाय् श्री-मधुमंगल
बगल बाजाय् आर देय हरि-बोलो

राधिकादि गुणे हेरि’ नयनेर कोणे
तृप्त हो ‘ये खाय् कृष्ण जशोदा-भवने

भोजनांते प्रिये कृष्ण सुबासित बारि
सबे मुख प्रखालोय् हो ‘ये सारि सारि

हस्त-मुख प्रखालिया जत सखा-गुणे
आनंदे बिश्राम कोरे बलदेव-सने

जम्बुल रसाल आने ताम्बुल -मसाला
ताहा खेये कृष्ण-चन्द्र सुखे निद्रा गेला

बिशालाख शिखि-पुच्छ-चामर ढुलाय
आपूर्ब शय्याय कृष्ण सुखे निद्रा जाय

जशोमती-आज्ञा पे’ये धनिष्ठा-आनीतो
श्रीकृष्ण-प्रसाद राधा भुंजे हो’ये प्रीतो

ललितादि सुखी-गुण अवशेष पाय
मने मने सुखे राधा-कृष्ण-गुण गाय

हरि लीला एक्-मात्र जाहार प्रमोद
भोगारति गाय् ठाकुर् भकतिविनोद

ध्वनि

  1. श्री अमलात्म दास तथा भक्त वृन्द- इस्कॉन बैंगलोर