विद्यार विलासे

Vidyāra Vilāse (in Hindi)

विद्यार विलासे,काटाइनु काल,
परम साहसे आमि
तोमार चरण ना भजिनु कभु,
एखोन शरण तुमि

पॊडिते पॊडिते, भरसा बाडिलो,
ज्ञाने गति हबे मानि’
से आशा बिफल से ज्ञान दुर्बल,
से ज्ञान अज्ञान जानि

जड-विद्या जतो, मायार वैभव
तोमार भजने बाधा
मोह जनमिया, अनित्य संसारे
जीबके करॆये गाधा

सेइ गाधा हो ‘ ये संसारेर बोझा,
बहिनु अनेक काल
वार्धक्ये एखनो, शक्तिर अभावे,
किछु नाहि लागे भालो

जीवन जातना, होइलो एखनो,
से विद्या अविद्या भेलो
अविद्यार ज्वाला, घटिलो बिषम,
से विद्या होइलो शेलो

तोमार चरण, बिना किछु धन,
संसारे ना आछे आर
भकतिविनोद, जड – विद्या छाडि’,
तुवा पद कोरॆ सार

ध्वनि

  1. श्री अमलात्म दास तथा भक्त वृन्द- इस्कॉन बैंगलोर