शुद्ध-भकत

Śuddha-bhakata (in Hindi)

शुद्ध-भकत-चरण-रेणु, भजन-अनुकूल
भकत-सेवा, परम-सिद्धि, प्रेम-लतिकार मूल

माधव-तिथि, भक्ति-जननी, जतने पालन कोरि
कृष्ण-बसति, बसति बोलि’ परम आदरे बोरि

गौर् आमार, जे-सब स्थाने, कोरलो भ्रमण रंगे
से-सब स्थानॆ, हेरिबो आमि, प्राणमि-भकत-संगे

मृदंग-वाद्य, शुनिते मन, अबसर सदा जाचे
गौर-बिहित, कीर्तन शुनि ‘, आनंदे हृदोय नाचे

जुगल-मूर्ति, देखिया मोर, परम-आनंद होय,
प्रसाद सेबा कोरिते होय सकल प्रपंच जय

जे-दिन गृहे, भजन देखि, गृहेते गोलोक भाय
चरण-सीधु, देखिया गंगा, सुख सा सीमा पाय

तुलसी देखि ‘, जुडाय प्राण, माधव-तोषने जानि’
गौर-प्रिय, शाक-सेवने, जीवन सार्थक मानि

भकतिविनोद कृष्ण भजने, अनुकूल पाय जाहा
प्रति-दिवसे परम-सुखे स्वीकार कोरोये ताहा

ध्वनि

  1. श्री अमलात्म दास तथा भक्त वृन्द- इस्कॉन बैंगलोर