श्री व्रजधाम-महिमामृत

Śrī Vraja-dhāma-mahimāmṛta (in Hindi)

जय राधे, जय कृष्ण, जय वृंदावन्
श्री गोविंद, गोपिनाथ, मदन मोहन्

श्यामकुंड, राधाकुंड, गिरि-गोवर्धन्
कालिंदी जमुना जय, जय महावन्

केशी घाट, बंशी-बट, द्वादश कानन्
जाहा सब लीला कोइलो श्री नंद-नंदन्

श्री-नंद-यशोदा जय, जय गोपागण्
श्री दामादि जय, जय धेनु-वत्स-गण्

जय वृषभानु, जय कीर्तिदा सुंदरी
जय पौर्णमासी, जय अभीर-नागरी

जय जय गोपीश्वर, वृंदावन माझ
जय जय कृष्ण –सखा, बटु द्विज-राज

जय राम-घाट जय रोहिणी-नंदन्
जय जय वृंदावन-वासी जत जन्

जय द्विज-पत्नी, जय नागकन्यागण्
भक्तिते जाहारा पाइलो गोविंद-चरण्

श्री रास-मंडल जय, जय राधा-श्याम्
जय जय रासलीला सर्व-मनोराम्

जय जयोज्ज्वल-रस-सर्व-रस-सार्
परकीया भावॆ जाहा ब्रजेते प्रचार्

श्री जाह्नवा -पाद-पद्म कॊरिया स्मरण्
दीन कृष्ण-दास कोहे नाम-संकीर्तन्

ध्वनि

  1. श्रील प्रभुपाद