आमार जीवन

Āmār Jīvan (in Hindi) आमार जीवन, सदा पापे रत, नाहिको पुण्येर लेष परेरे उद्वेग, दियाछि ये कोतो, दियाछि जीवेरे क्लेश निजसुख लागि’, पापे नाहि डोरि, दया-हीन स्वार्थ-परो पर-सुखे दुःखी, सदा मिथ्याभाषी, पर-दुःख सुख-करो आशेष कामना, हृदि माझे मोर, क्रोधी, दंभ-परायण मद-मत्त सदा, विषये मोहित, हिंसा-गर्व विभूषण निद्रालस्य हत, सुकार्ये विरत, अकार्ये उद्योगी आमि प्रतिष्ठ लागिया, […]