गौर-आरति

Gaura-ārati (in Hindi) जय जय गोराचांदेर् आरति को शोभा जाह्नवी-तट-वने जग-मन-लोभा दखिणॆ नीताइचांद्, बामे गदाधर निकटे अद्वैत, श्रीनिवास छत्रधर बोसियाछे गोराचांद रत्न-सिंहासने आरति कोरॆन् ब्रह्मा-आदि देव-गणे नरहरि-आदि कोरि ‘ चामर … Continue reading गौर-आरति