भजहु रे मन

Bhajahū Re Mana (in Hindi) भजहु रे मन श्री नंद-नंदन अभय-चरणारविंद रे दुर्लभ मानव-जनम सत्-संगे तरोहो ए भव-सिंधु रे शीत आतप वात वरिषण ए दिन जामिनी जागि रे बिफले सेविनु … Continue reading भजहु रे मन